Friday, November 18, 2011


विकास कार्यो से जवाब देगी राज्य सरकार

Nov 19, 12:56 am
नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो : दिल्ली सरकार कागजी कॉलोनियों को लेकर हो रहे चौतरफा हमलों का जवाब विकास कार्यो से देगी। सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शहर की 1018 अनधिकृत कॉलोनियों में चल रहे विकास से संबंधित कार्यो में और तेजी लाई जाए। दिल्ली के शहरी विकास मंत्री राजकुमार चौहान ने शुक्रवार को अनधिकृत कॉलोनियों में विकास कार्यो को लेकर एक बैठक बुलाई। इसमें डीएसआइआइडीसी, सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण विभाग तथा शहरी विकास विभाग के अधिकारियों ने शिरकत की। बैठक में चौहान ने अधिकारियों से कहा कि वे अनधिकृत कॉलोनियों में सड़क, सीवर, नाली आदि के निर्माण के कामों में तेजी लाएं, ताकि इनमें रहने वालों को सहूलियत मिल सके।
दरअसल कागजी कॉलोनियों का मामला सामने आने के बाद सरकार पर हमले तेज हो गए हैं। जानकारों का कहना है कि विपक्ष इसे मुद्दा बनाने की तैयारी में है। नगर निगम चुनाव के मद्देनजर बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यही कॉलोनियां आखिरकार चुनावी नतीजे तय करेंगी। ऐसे में दिल्ली सरकार ने विभिन्न अनधिकृत कॉलोनियों में विकास कार्यो को बढ़ावा देने की रणनीति अपनाकर विपक्ष के हमले की धार को कुंद करने की कोशिश शुरू कर दी है।
शहरी विकास मंत्री चौहान ने इस मामले में पूछने पर कहा कि दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही विभिन्न अनधिकृत कॉलोनियों को प्रोविजनल सर्टिफिकेट जारी किए। उन्होंने कहा कि यह शर्त रखी गई थी कि जो कॉलोनियां केंद्र सरकार द्वारा नियमितीकरण के लिए तय मानकों को पूरा करती हों, उनकी आरडब्लूए (रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) शपथपत्र देकर प्रोविजनल सर्टिफिकेट हासिल कर सकती हैं। ऐसे में अब सरकार को और कोई सफाई देने की जरूरत नहीं है। चौहान ने कहा कि हमने विभिन्न आरडब्लूए द्वारा दिए गए शपथपत्र के अनुसार उन्हें प्रोविजनल सर्टिफिकेट बांटे। यदि उन्होंने गलत शपथपत्र पेश किए हैं, तो इसका खामियाजा भी उन्हें भुगतना पड़ेगा।
दिल्ली सरकार के विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के साथ हुई बैठक में चौहान ने मुख्यमंत्री के समक्ष यही कहा कि सरकार ने प्रोविजनल सर्टिफिकेट जारी करने में कोई भी गलती नहीं की है। सबकुछ केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत किया गया। ऐसे में ज्यादा से ज्यादा यही किया जा सकता है कि जिन कॉलोनियों के बारे में शिकायत की गई है, उनकी जांच करा ली जाए और उनको दिया गया सर्टिफिकेट रद करते हुए उनकी आरडब्लूए के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए। चूंकि यह मामला दिल्ली के लोकायुक्त जस्टिस मनमोहन सरीन के समक्ष भी लंबित है। ऐसे में सरकार यह सुनिश्चित कर लेना चाहती है कि यदि कोई पूछताछ हुई, तो उसका जवाब क्या दिया जाएगा।

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